Taste·Asia

कड़ाही गोश्त

کڑاہی گوشت (Kaṛāhī Gōśht)

लाहौरी मटन कड़ाही — बकरे या मेमने के माँस को वोक जैसी कड़ाही में टमाटर, अदरक, हरी मिर्च और घी के साथ तेज़ी से पकाया जाता है, और कुटी काली मिर्च से समाप्त किया जाता है। पाकिस्तानी ढाबे का रात्रि मानक।

तैयारी१५ मिनट
पकाना१h
व्यक्ति
कठिनाईआसान
pakistanlahoredhabamuttonweeknight
कड़ाही गोश्त

विधि

  1. एक भारी कड़ाही या चौड़े भारी पैन में तेज़ आँच पर घी गरम करें। मटन डालकर 6 मिनट तक तेज़ी से सेकें — माँस सब तरफ़ से गहरा रंग ले।
  2. अदरक-लहसुन का पेस्ट और बारीक कटा अदरक डालें। 90 सेकंड चलाएँ।
  3. चौथाई कटे टमाटर, कश्मीरी मिर्च, हल्दी, धनिया, कुटी काली मिर्च और नमक डालें। तेज़ी से चलाएँ; टमाटर पानी छोड़ेंगे।
  4. 300 मिली पानी डालें। ढककर मध्यम-धीमी आँच पर 35 मिनट तक पकाएँ — मटन नर्म, ग्रेवी कम और टमाटर पूरी तरह टूट जाएँ। हर 10 मिनट पर चलाएँ।
  5. ढक्कन हटाएँ; आँच तेज़ करें। 8 मिनट तक तेज़ी से चलाएँ — ग्रेवी काफ़ी कम होकर मोटी, चमकदार, लगभग सूखी परत माँस पर बने। तेल (घी) ऊपर तैरकर किनारों पर इकट्ठा होने लगे।
  6. चीरी हरी मिर्च, गरम मसाला और कसूरी मेथी डालें। 60 सेकंड और चलाएँ। आँच से उतारकर अदरक की झुर्रियाँ और धनिया पत्ती से सजाएँ। कड़ाही में ही गरम परोसें। नान या रोटी के साथ खाएँ — ब्रेड से माँस और ग्रेवी समेटें।
सांस्कृतिक संदर्भ

कड़ाही पकाना पाकिस्तानी ढाबे (ट्रक-स्टॉप) की परंपरा है — तेज़, गरम, तमाशे जैसा, जिसमें रसोइया तेज़ आँच पर ज़ोर से चलाता है। लाहौर के अनारकली बाज़ार और फ़ूड स्ट्रीट की कड़ाही दुकानें मध्यरात्रि के बाद तक खुली रहती हैं। काली मिर्च और टमाटर की प्रोफ़ाइल पहचान है; कड़ाही ख़ुद को कोरमा (मलाईदार) और क़ोरमा (दही-आधारित) से अलग करती है। कुटी काली मिर्च, मिर्च नहीं, ज़्यादातर तीखापन देती है — पंजाबी रसोइए इसे विशेष स्पर्श मानते हैं। कड़ाही का मतलब ही है कि गरमागरम, सीधे बर्तन में, बगल में नान फेंककर परोसें।

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