Taste·Asia

शुक्तो

শুক্তো (Suktō)

बंगाली कड़वी सब्ज़ी का स्टू — करेला, सहजन, बैंगन, शकरकंद और अन्य सब्ज़ियाँ पतली दूध-और-सरसों की ग्रेवी में। पारंपरिक बंगाली बहु-पाठ्यक्रम दोपहर के भोजन के पहले व्यंजन के रूप में खाया जाता है।

तैयारी३० मिनट
पकाना३५ मिनट
व्यक्ति
कठिनाईमध्यम
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शुक्तो

विधि

  1. एक चौड़े पैन में 2 बड़े चम्मच सरसों का तेल गरम करें। बोरी (दाल के बड़े) को 4 मिनट तक हल्के सुनहरे होने तक तलें; निकाल लें।
  2. उसी तेल में करेले की स्लाइस को 4 मिनट तक नर्म और थोड़ा कड़वी-सुगंधित होने तक तलें; निकाल लें।
  3. बचा सरसों का तेल गरम करें। पाँच फोरण और बारीक कटा अदरक डालकर 30 सेकंड चटकाएँ।
  4. बची सब्ज़ियाँ (सहजन, बैंगन, शकरकंद, कच्चा केला, मूली) डालें। मसालेदार तेल में लपेटने के लिए 4 मिनट चलाएँ।
  5. हल्दी, नमक, सरसों की पेस्ट, खसखस की पेस्ट और 300 मिली पानी डालें। उबाल लाकर ढककर 12 मिनट पकाएँ जब तक सब्ज़ियाँ नर्म न हो जाएँ।
  6. दूध धीरे-धीरे डालते हुए चलाएँ। तली बोरी और करेला डालें। 4 मिनट और पकाएँ; ग्रेवी थोड़ी गाढ़ी होगी। अंतिम चमक के लिए घी मिलाएँ। बंगाली दोपहर के भोजन के पहले पाठ्यक्रम के रूप में परोसें — शुक्तो की कड़वाहट बाक़ी भोजन से पहले स्वाद को खोलती है।
सांस्कृतिक संदर्भ

शुक्तो पारंपरिक बंगाली दोपहर के भोजन का पहला पाठ्यक्रम है — बंगाली भोजन कई पाठ्यक्रमों में संरचित होते हैं, शुक्तो (कड़वा) से शुरू होकर, फिर दाल-और-भाजा (हल्के), फिर मछली की करियों के माध्यम से, चटनी और मिठाई पर समाप्त। कड़वी शुरुआत पाचन दर्शन है: कड़वा स्वाद को सक्रिय करता है। हर बंगाली घर की पसंदीदा शुक्तो सब्ज़ियाँ हैं; निरंतर तत्व करेला, सहजन और बोरी हैं। सरसों-खसखस की ग्रेवी बंगाली पहचान है — न मसालेदार करी, न हल्का दूध सूप, बल्कि बीच की कोई चीज़।

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