विधि
- मछली पर 1 छोटा चम्मच हल्दी और 1 छोटा चम्मच नमक मलें। 10 मिनट विश्राम दें।
- एक चौड़े भारी पैन में सरसों के तेल को बस धुआँ निकलने तक गरम करें। मछली के टुकड़ों को हर तरफ़ 30 सेकंड हल्के सेकें; निकाल लें।
- आँच कम करें। पाँच फोरण और तेज़ पत्ता डालकर 30 सेकंड चटकाएँ। कटा प्याज़ डालकर 4 मिनट पकाएँ।
- अदरक और लहसुन डालकर 60 सेकंड भूनें। पिसे मसाले (हल्दी, जीरा, धनिया, कश्मीरी मिर्च) डालकर 60 सेकंड चलाएँ।
- फाँकों के टमाटर और चीरी मिर्च डालें। 4 मिनट तक पकाएँ जब तक टमाटर टूट न जाएँ।
- आलू के टुकड़े डालें। नमक के साथ पानी डालें। उबाल लाकर ढककर 12 मिनट तक पकाएँ जब तक आलू नर्म न हो जाएँ।
- तली मछली ग्रेवी में वापस डालें। 5 मिनट और पकाएँ — मछली बस पकी हो, ग्रेवी सुगंधित और पतली (बंगाली माछेर झोल पतली करी है, गाढ़ी नहीं)। गरम मसाला डालें। धनिया पत्ती से सजाएँ। चावल के साथ परोसें।
सांस्कृतिक संदर्भ
माछेर झोल बंगाली रोज़मर्रा की मछली की करी है — लाखों बांग्लादेशी (और पश्चिम बंगाली) घरों में हफ़्ते में कई बार खाई जाती है। 'झोल' (ग्रेवी) जान-बूझकर पतली होती है; गाढ़ी पंजाबी शैली की करी इस व्यंजन की परंपरा से अलग है। हर बंगाली घर की अपनी पसंदीदा मछली है: बांग्लादेश में रोहू, कतला, मृगल; तट पर पॉमफ्रेट। पाँच फोरण — बंगाली पाँच-मसाले — क्षेत्रीय छाप है, जो इसे किसी भी अन्य दक्षिण एशियाई मछली करी से अलग करती है। यह व्यंजन चावल के साथ जोड़ा जाता है और कभी-कभी रोज़ के दोपहर के भोजन में एकमात्र करी होती है।