विधि
- आटे, नमक, अंडे, घी और गाढ़े दूध को कटोरे में मिलाएँ। गुनगुना पानी धीरे-धीरे डालते हुए हाथ से 8 मिनट तक गूँधें जब तक आटा बहुत मुलायम, थोड़ा चिपचिपा और लचीला न हो जाए।
- 6 बराबर गोलियों में बाँटें। हर पर अच्छी तरह घी लगाएँ। एक चौड़े तेल लगे कटोरे में डुबोएँ। ढककर कम से कम 4 घंटे, बेहतर हो तो रात भर रखें। लंबा तेलयुक्त विश्राम ही आटे को नाटकीय रूप से पतला खींचने देता है।
- कार्य स्थान तैयार करें: एक चिकनी सतह जिस पर भरपूर तेल लगा हो (काँच की मेज़ या स्टील की चादर आदर्श), एक गरम तवा या चौड़ा पैन, पकाने के लिए घी। सभी छह विश्रांत गोलियाँ पास हों।
- एक विश्रांत गोली लें। तेल लगी सतह पर सपाट दबाएँ, फिर पटकना और खींचना शुरू करें — एक किनारा सतह पर पटकें और बाहर की ओर खींचें, घुमाते हुए, जब तक आटा 60 सेमी व्यास में काग़ज़-पतला और पारदर्शी न हो जाए।
- जल्दी मोड़ें: चारों किनारे केंद्र की ओर लाकर चौकोर तकिया बनाएँ। फिर एक बार और मोड़कर छोटा चौकोर बनाएँ। सिलाई वाली तरफ़ नीचे रखें।
- तवे को मध्यम-तेज़ पर 1 बड़ा चम्मच घी के साथ गरम करें। मुड़ी प्रता को हर तरफ़ 90 सेकंड पकाएँ, स्पैचुला से दबाते हुए। परतें फूलेंगी और सतह गहरी सुनहरी हो जाएगी। पकी प्रता को हाथों के बीच थपथपाकर परतें चटखाएँ — यह प्रता का नाटक है। मछली की करी, दाल, या मीठे संस्करण के लिए गाढ़े दूध के साथ गरम परोसें।
सांस्कृतिक संदर्भ
रोटी प्रता मलेशिया में रोटी कनाई कहलाने वाले व्यंजन का सिंगापुर नाम है — एक ही व्यंजन, थोड़ा अलग सांस्कृतिक संदर्भ। सिंगापुर के भारतीय-मुस्लिम समुदाय (विशेष रूप से तमिल-मुस्लिम व्यापारी परिवार) इसे दक्षिण भारत से लाए। सिंगापुर प्रता मलेशियाई से अधिक टॉपिंग में बदलती है: अंडे वाली प्रता, पनीर वाली प्रता, केले वाली प्रता, प्याज़ वाली प्रता — एक समकालीन विस्तार जिस पर शुद्धतावादी सवाल उठाते हैं। टेक्का के मुस्तफ़ा-इलाक़े की प्रता या रेस कोर्स रोड के लंबे-स्थापित स्टॉल मानक हैं।