विधि
- पालक को उबलते पानी में 90 सेकंड डालें, फिर तुरंत बर्फ़ के पानी में डाल दें — ठंडे झटके से हरा रंग बंद हो जाता है। छानें, अच्छी तरह निचोड़ें और एक हरी मिर्च के साथ चिकना पीसें।
- एक भारी पैन में 2 बड़े चम्मच घी गरम करें। जीरा चटकाएँ, फिर प्याज़ और चुटकी भर नमक डालें। 8 मिनट सुनहरा होने तक पकाएँ — यहाँ धैर्य व्यंजन की देह बनाता है।
- अदरक-लहसुन का पेस्ट और बची चीरी मिर्चें डालें; एक मिनट भूनें। टमाटर, हल्दी, धनिया पाउडर और कश्मीरी मिर्च डालें। 6 मिनट पकाएँ जब तक टमाटर पूरी तरह न टूट जाएँ और किनारों पर तेल अलग न हो जाए।
- पालक की प्यूरी और 100 मिली पानी डालें। 8 मिनट धीमी आँच पर पकाएँ — रंग गहरा हो जाए और कच्चे पालक की गंध की जगह कुछ मीठी और गोल आ जाए। तले हुए पनीर के टुकड़े और एक छोटा चम्मच नमक डालें।
- मलाई और मसली कसूरी मेथी मिलाएँ। दो मिनट और पकाएँ। चखें — नमक समायोजित करें; सब्ज़ी हल्की क्रीमी होनी चाहिए, भारी नहीं।
- अंतिम तड़का: छोटी कलछी में बचा घी गरम करें, एक चीरी मिर्च और एक कुचली लहसुन की कली 20 सेकंड चटकाएँ, फिर सब्ज़ी पर डाल दें। ढककर 5 मिनट विश्राम दें। नान, रोटी या जीरा चावल के साथ परोसें।
सांस्कृतिक संदर्भ
पालक पनीर पंजाबी डेरी वाले घर का सामान्य व्यंजन है — ताज़ा पनीर (वज़न के नीचे दबा छेना) सप्ताह में दो बार बनता है, पालक खेत से या सब्ज़ी की रेहड़ी से आता है। यह विदेश में सबसे लोकप्रिय भारतीय शाकाहारी सब्ज़ी है, अक्सर भारतीय रेस्तराँओं में थाली पर बटर चिकन के साथ जोड़ी जाती है। चमकीला हरा रंग ताज़े पनीर और जल्दी-उबाले पालक की पहचान है; लम्बे समय तक पकाए संस्करण मटमैले-जैतूनी हो जाते हैं और चरित्र खो देते हैं। अंत की कसूरी मेथी पंजाबी गंध है जो व्यंजन को उसकी जड़ से जोड़ती है।