
विधि
- लहसुन और मिर्च को ओखली में मिलाकर मोटा-मोटा कूटें — पेस्ट न बनाएँ, थोड़ी बनावट बाकी रहे। लहसुन फटा हुआ दिखे और मिर्च हल्की कुचली व सुगंधित।
- अपने चूल्हे की सबसे तेज़ आँच पर कड़ाही को इतना गरम करें कि पानी की एक बूँद डालते ही वाष्प बन जाए। तेल डालकर घुमाएँ; लहसुन-मिर्च का मिश्रण डालकर लगभग दस सेकंड चलाएँ जब तक लहसुन हल्के सुनहरे रंग का न हो जाए।
- चिकन का कीमा डालें और कड़ाही के किनारे से उसे तोड़ते जाएँ। तेज़ आँच पर तीन मिनट तक भूनें जब तक मांस का रंग बदल जाए और किनारे धातु पर हल्के भूरे होने लगें।
- मछली सॉस, ऑयस्टर सॉस, सोया सॉस और चीनी डालें। ज़ोरदार ढंग से चलाते हुए हर टुकड़े पर सॉस लगाएँ; तीस सेकंड तक सॉस को कड़ाही पर सूखने दें जब तक हल्की जली-मीठी सुगंध न उठे।
- आँच बंद कर दें। होली तुलसी डालकर दो बार मोड़ दें — बची हुई गरमी इसे मुरझा देगी पर काला नहीं होने देगी। प्लेटों में गरम जैस्मिन चावल पर सजा कर रखें।
- एक साफ़ पैन में थोड़े तेल में अंडे तलें जब तक सफ़ेदी बुलबुलेदार और किनारों से चूड़ीदार न हो जाए, पर ज़र्दी अभी भी बहती हो। एक-एक अंडा हर थाली पर रखकर तुरंत परोसें।
सांस्कृतिक संदर्भ
पैड क्राप्राओ वह व्यंजन है जिसे थाई व्यक्ति तब मँगवाता है जब उसे यह तय न हो रहा हो कि क्या खाया जाए — हर दुकान इसे बनाती है और हर दुकान का अंदाज़ थोड़ा अलग होता है। 'असली' संस्करण होली तुलसी (क्राप्राओ) से बनता है, थाई स्वीट तुलसी (होरापा) से नहीं; ग़लत तुलसी का इस्तेमाल इस बात की चुग़ली कर देता है कि रसोइया शॉर्टकट ले रहा है। ऊपर रखा तला हुआ अंडा — काई दाओ — बैंकॉक के दोपहर के भोजन में अनिवार्य है।